गरीब

हाँ गरीब लोग हैं होते,
जिनके पास पैसे नहीं होते।
झाड़ू-पोचा, बर्तन धोते,
स्टेशन पर वे बोझा ढोते,
या सड़कों पर झाड़ू देते।
घर, ऑफिस में और स्कूल में,
और सभी जगह पर होते।
काम से इनके हमें आराम,
पर हम इनको थेंक यू नहीं कहते,
जिनके पास पैसे नहीं होते,

क्यों नहीं उनको हम थेंक यू कहते ?

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