Naa-Ree




















ना-री

सच तो ये है -
कि  मैं सोती हूँ,
अपने छोटे से परिवार में
मगन होती हूँ,
आदत है -
चुप रहने की-
अकेले में बस, रोती हूँ।

और अगर मुखरित हो जाऊं-
किसे कहूँ?
किसके आगे झोली फैलाऊं ?

सच तो ये है-
मेरी धड़कन-
मेरी तड़पन -
सुनता कौन?

सच तो ये है-
मेरी  चुप्पी ने-
इन शैतानों को
हैवान बनाया है।
मानवता पर घाव लगाया है।

किन्तु मौन-
अब और नहीं-
मेरे पास 'साधन' है।
अब दूर तलक मैं-
सुनी जाती हूँ।

सच तो ये है-
बनकर 'एक'-
शैतानों  को सबक सिखाना-
हैवानों को मिटाना है।

'Media'

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