दीवाली
किस्म - किस्म के सब सामान ,
सजी - धजी हर एक दुकान,
ज्यादा खर्चो अधिक बचाओ,
इनामों के अवसर पाओ,
लुभाता है हर विज्ञापन ।
लालायित हो जाता मन,
इस दीवाली तुझको क्या दूँ?
इतना छोटा सा वेतन?
चीजों से भी बड़े बड़े
उन पर बंधे हुए -
कागज़ के टुकड़े।
काश तुम्हें मैं दे सकता-
सुगंध भरा एक चंदन वन।
इस दीवाली तुझको क्या दूँ?
इतना छोटा सा वेतन ?
काश कि होती पास मेरे-
हरियाले नोटों की क्यारी,
सौ कमरों का महल बनता,
गहने कपड़ों से भर देता-
हर कमरे की हर अलमारी।
मध्य में आ जाता है लेकिन ,
इस दीवाली तुझको क्या दूँ?
सजी - धजी हर एक दुकान,
ज्यादा खर्चो अधिक बचाओ,
इनामों के अवसर पाओ,
लुभाता है हर विज्ञापन ।
लालायित हो जाता मन,
इस दीवाली तुझको क्या दूँ?
इतना छोटा सा वेतन?
चीजों से भी बड़े बड़े
उन पर बंधे हुए -
कागज़ के टुकड़े।
काश तुम्हें मैं दे सकता-
सुगंध भरा एक चंदन वन।
इस दीवाली तुझको क्या दूँ?
इतना छोटा सा वेतन ?
काश कि होती पास मेरे-
हरियाले नोटों की क्यारी,
सौ कमरों का महल बनता,
गहने कपड़ों से भर देता-
हर कमरे की हर अलमारी।
मध्य में आ जाता है लेकिन ,
इस दीवाली तुझको क्या दूँ?
इतना छोटा सा वेतन?
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